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पांच रिनों से हल्दी, चनादाल, सेहद, तिल, अर्पण करके मुक्ति पा सकते हैं

प्राचीन समय से ही भारतीय संस्कृति में विभिन्न प्रयोगों की श्रेणी मानी गई है, जो शारीरिक, आध्यात्मिक और सामाजिक हर मानव के लिए महत्वपूर्ण होती है। इन प्रयोगों में से एक हैं पांच रिनों के मुक्ति का उपाय। हल्दी, चनादाल, सेहद, तिल, और अर्पण – ये पांच उपाय हैं जो अपनाकर व्यक्ति अपने ऋणों से […]

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ऋणमुक्तेश्वर: राजा हरिश्चंद्र विशमैत्र द्वारा कर्ज मुक्त पिलिपूजा और उसके विशेष दिन

ऋणमुक्तेश्वर मंदिर, उज्जैन, एक प्राचीन और महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है जो भारतीय संस्कृति की धरोहर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस मंदिर का नाम राजा हरिश्चंद्र विशमैत्र द्वारा कर्ज मुक्त पिलिपूजा के विशेष दिनों के अनुसार होता है। यहां प्रतिदिन और विशेष दिनों पर शनिवार, मंगलवार, गुरुवार और पूर्णिमा को पिलिपूजा की विधि अनुसार पूजन

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शत्रुओं के विरुद्ध विजय प्राप्ति उज्जैन में बगलामुखी साधना और धाम का महत्व

उज्जैन नगर में स्थित बगलामुखी धाम एवं नालखेड़ा एक प्रमुख साधना स्थल है, जहां शत्रुओं से छुटकारा प्राप्त करने के लिए पूजन-जाप किया जाता है। बगलामुखी साधना का महत्व और इसके अनुष्ठानों का विस्तार समझने के लिए हमें इसे गहराई से समझने की आवश्यकता होती है। इस ब्लॉग में, हम बगलामुखी साधना के महत्व को

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विक्रांत भैरव: उज्जैन के 8 भैरवों के चमत्कारिक स्वरूप और कर्जमुक्ति, विवाद से मुक्ति के महत्वपूर्ण स्रोत

भारतीय संस्कृति में धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों का गहरा महत्व है, और उज्जैन के विक्रांत भैरव के 8 भैरवों का अत्यधिक महत्व है। यहाँ, ये अद्भुत स्थान न केवल चमत्कारिक रूप से माने जाते हैं, बल्कि विविध समस्याओं जैसे कर्ज और विवाद से मुक्ति प्राप्त करने के महत्वपूर्ण स्रोत के रूप में भी प्रस्तुत होते

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शिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर क्या चढ़ाने से क्या फल मिलता है, आय जाने !

भारतीय संस्कृति में शिवरात्रि का विशेष महत्व है, जो परम शिव की पूजा और आराधना के लिए समर्पित है। यह उत्सव हर वर्ष फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाता है। इस दिन भगवान शिव की विशेष पूजा, अर्चना, और व्रत का महत्व होता है। लोग इस दिन अपनी शिवलिंग पर विभिन्न

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मेष राशि में मंगल-राहु की युति: प्रत्येक राशि पर प्रभाव

मंगल और राहु की युति को वैदिक ज्योतिष में बड़ा महत्व दिया जाता है, क्योंकि यह ग्रहों के विशेष प्रभाव को एक साथ मिलाकर विशेष रूप से संज्ञान में आता है। मंगल का प्रतिनिधित्व क्रियाशीलता, साहस, और ऊर्जा के साथ होता है, जबकि राहु अन्तरात्मा के अद्वितीयता, उत्कृष्टता, और अनोखेपन का प्रतीक है। मेष राशि

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वैदिक ज्योतिष में वक्री ग्रह

वैदिक ज्योतिष एक प्राचीन भारतीय विज्ञान है जो ब्रह्मांड में चल रहे गतिशीलता का अध्ययन करता है। इस विज्ञान का आधार प्राचीन ऋषियों और महापुरुषों के अनुभवों, ध्यान, और ध्यान से निर्मित है। वैदिक ज्योतिष अपनी शास्त्रीय प्रकारिति में अपने विविध उपग्रहों, नक्षत्रों, और ग्रहों के संबंध का अध्ययन करता है। ग्रहों का महत्व वैदिक

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बृहस्पति बुध विपक्ष के साथ अप्रत्याशित अपेक्षा करें!

एक अद्वितीय ज्योतिषीय संयोग ज्योतिष विज्ञान का शास्त्रीय दृष्टिकोण हमें अक्सर अप्रत्याशित और आनंदमय चीजों की ओर आकर्षित करता है। इस अनुभव में, बृहस्पति और बुध का साथ एक ऐसा अवसर प्रदान करता है जिससे हम नये और अद्भुत संभावनाओं को देख सकते हैं। बृहस्पति: समृद्धि का प्रतीक बृहस्पति, जिसे ग्रहों का गुरु भी कहा

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मिथुन राशि में सूर्य का पारगमन 2024: क्या उम्मीद करें!

प्रस्तावना: सूर्य का पारगमन और ज्योतिष ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के गोचर का बहुत महत्व है, और सूर्य का पारगमन भी इसी के तहत आता है। सूर्य का पारगमन जब किसी राशि में होता है, तो वह उस राशि के लोगों के जीवन में महत्वपूर्ण परिवर्तन और प्रभाव लाता है। इस ब्लॉग में, हम विस्तार

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वक्री शनि का मकर राशि में गोचर: आपके लिए शुभ या अशुभ?

प्रस्तावना: वक्री शनि का मकर राशि में प्रभाव ज्योतिष के अनुसार, ग्रहों का अपने राशि में गोचर बहुत महत्वपूर्ण होता है। इन गोचरों के माध्यम से जीवन में विभिन्न प्रकार के परिवर्तन आते हैं, जो व्यक्ति की किस्मत और संघर्ष को प्रभावित कर सकते हैं। वक्री शनि का मकर राशि में गोचर भी एक ऐसा

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